क्या करें जब Teenage बच्चे को हो जाए प्यार/Teenage Love

teenage lovers
teenage lovers

Synopsis

पेरेंट्स को जब अपने टीनेजर्स के अफेयर या teenage love के बारे में मालूम पड़ता है तो वह एकदम से पैनिक हो जाते हैं और उनको यकीन ही नहीं होता है कि उनके छोटे बच्चे अब इतने बड़े हो गए हैं कि उनका क्लास में या किसी भी पेयर ग्रुप के साथ में अफेयर हो गया हैं और ऐसी स्टेज में वह अक्सर बच्चों को या तो डांटते हैं, ब्लेम करते हैं या कई बार मजाक भी उड़ाने लगते हैं। टीनएजर्स ऐसे बिहेवियर से बहुत हर्ट होते हैं। और पेरेंट्स का यह बिहेवियर बच्चों के मेंटल डेवलपमेंट पर भी असर डालता है। ऐसी स्टेज पर जब पेरेंट्स को टीनेजर्स के बारे में मालूम पड़ता है तो क्या करना चाहिए ? इस ब्लॉग में हम लोग इसी के बारे में डिस्कस करेंगे।

Teenage love से शॉक या गुस्सा न होये :

अगर आपके बच्चे टीनेजर्स हैं और उनका अपने पियर ग्रुप में किसी के साथ अफेयर हो गया है तो आप सबसे पहले इससे शॉक या सरप्राइज नहीं होइए क्योंकि यह एक नॉर्मल फीचर है। आपको मालूम है कि टीनएज की स्टेज में फिजिकल डेवलपमेंट होने लगते हैं। उनके अंदर कई हार्मोनल चेंजेज होते हैं जिसके कारण बच्चे अब छोटे से बड़े हो रहे हैं। उनके अंदर इस तरह की फीलिंग्लेस से अट्रैक्ट होना नार्मल हैं। अगर ऐसा हुआ है तो इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है teenage love एक नॉर्मल चीज है इसको नॉर्मल वे में ही लीजिए।

Suggested Readings:

माता पिता /Parents बने तो जीवन में महत्वपूर्ण changes के लिए तैयार रहें
अपने बच्चे को जिम्मेदार कैसे बनाएं?

Parenting Challenges

Teenage Love का मजाक न उड़ाएं :

अगर आपको कहीं और से मालूम पड़ा है या बच्चे ने खुद ही आपको बताया है तो आप ना तो उसका मजाक उड़ाए ना ही डाटिए। उसको सुनिए समझने की कोशिश करिए कि क्या हुआ है। बच्चे जिस स्टेज पर हैं कई बार बच्चों में ऐसे ही फिजिकल अट्रैक्शन एक क्रश की तरह होता है और कुछ दिनों बाद वह अपने आप खत्म हो जाता है।
लेकिन अगर बच्चे थोड़े से सीरियस हो गए हैं और रोज आपस में मिलते जुलते हैं तो आपको समझने की जरूरत है कि बच्चे किस स्टेज पर हैं। ऐसी स्टेज में उनको आपके गाइडेंस की बहुत जरूरत है क्योंकि बच्चे अभी मैच्योर नहीं हुए कि वह अपना अच्छा और बुरा खद ठीक से समझ पाए और गाइड आप तभी बन पाएंगे जबकि आप बच्चों के साथ एक ट्रस्ट का रिलेशन बनाकर रखते हैं। तभी बच्चे आपसे हर बात शेयर कर सकते हैं। और वह तभी करेंगे जब आप उनको जज नहीं करेंगे, आप उनका मजाक नहीं बनाएंगे।

बच्चों से आराम से बात करिये :

इस बात का ध्यान रखें कि जब भी आपको यह मालूम पड़े कि आपके बच्चे का अफेयर है तो आप शांत होइए, अपने आप को काम करिए और यह सोचिए कि यह कोई अनोखी चीज नहीं हुई है। ऐसा इस स्टेज में होना एक नॉर्मल फीचर है। जब आप अपने आप को शांत कर लेंगे और बच्चों के साथ बात करेंगे तो आप देखेंगे कि बच्चों को आपके गाइडेंस की बहुत जरूरत है।

Teenage Love एक अट्रैक्शन हैं या रियल ?

नॉर्मली पेरेंट्स को ऐसा लगता है कि teenage love रियल नहीं होता है और मोस्ट ऑफ द केसेस में यह रियल नहीं भी होता है। लेकिन आपको कैसे मालूम कि आपके बच्चे का यह अफेयर है या लव है, यह रियल है या नहीं है क्योंकि ह्यूमन इमोशंस बहुत कॉम्प्लिकेटेड होते हैं। आप उनको एकदम से जज करके और एकदम से समझ भी नहीं सकते हैं।
अगर आपके बच्चे आपसे बातें शेयर कर रहे हैं तो आपको यह मानना चाहिए कि यह teenage love रियल भी हो सकता हैं। अगर यह नहीं भी है तो भी आप उनको अलग करने की बात बिलकुल ना करें और ना ही उनको कुछ ऐसा समझाने की कोशिश करें जो की उन्हें हर्ट कर सकती हैं।

बच्चों के इस Teenage love को समझदारी से हैंडल करें :

आपको इस बात का ध्यान रखना होगा कि आप किसी भी तरह से बच्चे के जो पार्टनर है उसके बारे में कुछ भी गलत ना बोले। उसके अलावा आपको बच्चों के फ्रेंड्स से मिलते रहना चाहिए। जिसके साथ उसका अफेयर है उससे मिलने की कोशिश करनी चाहिए और उससे बिल्कुल काम होकर मिले और उससे भी अच्छा होगा कि उस बच्चे के पेरेंट से मिले।यह देख ले कि बच्चा गलत तो नहीं है या आपके बच्चे का कोई फायदा तो नहीं उठा रहा है। इस बात का ध्यान आप जरूर रखें।

Read Also:

मैं Mature कैसे बनू?

यदि आप अकेला महसूस करते हैं तो आपको क्या करना चाहिए?

अगर आपको लगता है कि यह रिलेशन ठीक नहीं है या फॉर सम रीजन वह बच्चा ठीक नहीं है तो आप अपने बच्चे को एकदम से मना नहीं करें क्योंकि आपके मना करने से वह रेबेल करेगा, हर्ट होगा। आपको धीरे-धीरे गाइड करते जाना है कि इस रिलेशनशिप से क्या प्रॉब्लम हो सकती है l इस चीज के बारे में आप सटल वे में बताइए लेकिन उसको फोर्स मत करिए। किसी भी चीज को फोर्स करने से बच्चे उसका उल्टा ही करते हैं और कई बार फोर्स करने से वो ज्यादा गलत कदम उठा लेते हैं। इसका अनफॉर्चूनेटली सेटबैक ही होता है।

बच्चों का अपना पूरा सपोर्ट दे :

कुछ बच्चे इस रिलेशनशिप में बहुत सीरियस हो जाते हैं लेकिन उनके पार्टनर उतने सीरियस नहीं होते और इस तरह के रिलेशनशिप में ब्रेकअप का तरीका बहुत ही अब्रप्ट होता है। ऑल ऑफ सडन हो जाता है। ऐसा नहीं कि हर बार ग्रैजुअली हो और बच्चा इसके लिए पहले से मेंटली प्रिपेयर हो। लेकिन अगर कभी ऐसी सिचुएशन आती भी है तो पेरेंट्स को उनको सपोर्ट करना ही चाहिए। आपको हर स्टेज में बच्चे के साथ रहना चाहिए क्योंकि पता नहीं कब ब्रेकअप हो जाए और वह इमोशनली इतना हर्ट हो जाए कि वह चीज आपके साथ शेयर ही ना करें।

लाइफ में स्टक मत होइए :

साथ-साथ बच्चों को यह भी सिखाइए कि जब एक रिलेशनशिप बन रही है तो उसके कारण आप अपने पुराने दोस्तों, बाकी सारे ग्रुप को इग्नोर ना करें उसके साथ जरूर रहे तो ऐसी स्टेज में जब ब्रेकअप होता है तो उनका सपोर्ट ग्रुप उनका पुराना फ्रेंड सर्किल उनके लिए बहुत बड़ी हेल्प का काम करता है। इस इस स्टेज में बच्चे कुछ चीजें सीखते भी हैं जो आगे चलके उनको हेल्प करती हैं। एक तो वह कम्युनिकेशन स्किल सीखते हैं। एक दूसरे को इंप्रेस करने के लिए वह अच्छे से बात करना सीखते हैं। अपने अपीयरेंस का ध्यान रखते हैं और अपनी सेल्फ इमेज को लेकर पर्टिकुलर होते हैं। कई बार ऐसी स्टेज में बच्चे अपने करियर को लेकर भी ज्यादा सीरियस हो जाते हैं कि उनको कुछ बनना है, कुछ अच्छा करना है।
ऐसा नहीं है कि इस स्टेज के केवल बुराई है या कोई कमी है इससे बच्चे बहुत कुछ सीखते भी हैं। ये teenage love उनके लिए लाइफ लॉन्ग का रिलेशनशिप हो तो उनके साथ रहिए। उनके गाइड बनकर हमेशा उनके सपोर्ट में खड़े रहिए।

Sign up to receive new posts

Subscribe to get e-book

.

Picture of Anshu Shrivastava

Anshu Shrivastava

मेरा नाम अंशु श्रीवास्तव है, मैं ब्लॉग वेबसाइट hindi.parentingbyanshu.com की संस्थापक हूँ।
वेबसाइट पर ब्लॉग और पाठ्यक्रम माता-पिता और शिक्षकों को पालन-पोषण पर पाठ प्रदान करते हैं कि उन्हें बच्चों की परवरिश कैसे करनी चाहिए, खासकर उनके किशोरावस्था में।

Picture of Anshu Shrivastava

Anshu Shrivastava

मेरा नाम अंशु श्रीवास्तव है, मैं ब्लॉग वेबसाइट hindi.parentingbyanshu.com की संस्थापक हूँ।
वेबसाइट पर ब्लॉग और पाठ्यक्रम माता-पिता और शिक्षकों को पालन-पोषण पर पाठ प्रदान करते हैं कि उन्हें बच्चों की परवरिश कैसे करनी चाहिए, खासकर उनके किशोरावस्था में।

Follow me on
Like this article? Share.

Leave a Reply

Facebook
Twitter
WhatsApp
Email

Popular Posts

“खुशी का असली रहस्य दैनिक जीवन के सभी विवरणों में सच्ची रुचि लेने में निहित है!!"

19-March-24

Discover more from Parenting By Anshu (Hindi)

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading