टीनएज बेटी की परवरिश कैसे करें/How to Parent a Teenage Daughter

teenage daughter and mother
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Synopsis

हर पेरेंट का ड्रीम होता है कि वो अपनी टीनेजर डॉटर को एक दिन इंटेलिजेंट, कॉन्फिडेंट एंड सक्सेसफुल वुमन बनाएं। लेकिन टीनएज बेटी की परवरिश के लिए जरूरी है कि पेरेंट्स सही स्ट्रेटेजी के साथ उनको गाइड करें।
इस ब्लॉग में हम लोग डिस्कस करेंगे कि अपनी टीनेएज डॉटर्स को कैसे आप गाइड करें कि वह एक्चुअली सक्सेसफुल, कॉन्फिडेंट और इंटेलिजेंट वुमन बने।
टीनेजरस में एक कॉमन फीचर होता है कि वह अपने लुक्स को लेकर बहुत कॉन्शियस रहती हैं। और कई बार बहुत इनसिक्योर भी फील करती हैं। इसमें मीडिया का भी रोल होता है। आजकल मीडिया एक बॉडी इमेज को लेकर और ब्यूटी को लेकर कुछ स्टैंडर्ड्स बना देती है, और बच्चे उसको देकर इन्फ्लुएंस होते हैं और उनको कॉपी करना चाहते हैं।
कुछ हद तक मीडिया का अपीयरेंस भी ठीक है क्यूंकि उससे वो इंप्रूव होते है, लेकिन अगर बच्चे अपने बारे में नेगेटिव सोचने लगे या उनका कॉन्फिडेंस थोड़ा सा कम हो जाए तो यह चीज उनके लिए ठीक नहीं है। ब्यूटी का स्टैंडर्ड क्या होना चाहिए? यह चीज पेरेंट को सिखाना चाहिए। आपने देखा होगा कि कुछ लोगों से आप मिलते हैं और वह बहुत अट्रैक्टिव लगते हैं, आप महसूस करते हैं लेकिन उनसे बात करने के बाद आपको उनका अट्रैक्शन थोड़ा सा कम लगने लगा, इसका क्या रीजन होता है? रीजन होता है, कि अगर वह बात करने में उतने इंटेलिजेंट नहीं है, एरोगेंस है और वह स्माइलिंग नहीं है, उनका एक्सेप्टिंग बिहेवियर नहीं है, उनका बॉडी लैंग्वेज डिफरेंट है तो वह लोग उतने अट्रैक्टिव नहीं लगते हैं। और नेक्स्ट टाइम आप उनसे मिलने पर उतना इनफ्लुएंस नहीं होते हैं।
उसकी जगह आप कम अट्रैक्टिव लोगों से भी मिलते हैं और वह आपसे स्माइलिंग फेस के साथ बात भी करते हैं। वो आपसे एक्सपेक्ट करते कि आप उनकी हेल्प करें, रिस्पेक्ट पे करें और बात करने में इंटेलिजेंट भी हो। उनको करंट अफेयर्स का भी थोड़ा नॉलेज हो तो आपको लगेगा कि वह बहुत अट्रैक्टिव है। अपनी टीनएज बेटी की परवरिश इस तरह से करिए कि उनके अंदर केवल फिजिकल अपीयरेंस नहीं बल्कि वो इस तरह की स्किल्स को भी डेवलप करें जिससे उनकी पर्सनालिटी बहुत एक्सेप्टिंग हो जाए। वो रिस्पेक्टफुल हो, लोगों की हेल्प करें, स्माइलिंग फेस के साथ, कॉन्फिडेंस के साथ लोगों से मिले और उनके अंदर थोड़ी जनरल अवेयरनेस, थोड़ी सी करंट अफेयर्स के बारे में नॉलेज भी डेवलप करने के लिए आप उनको मोटिवेट करें। यह एक कंप्लीट पैकेज है।

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लोगों को जज मत करें

किसी की पर्सनालिटी को इंप्रूव करने के लिए केवल फिजिकल अपीयरेंस या बॉडी इमेज या आपके कॉम्प्लेक्शन में इम्प्रूवमेंट ही काफी नहीं है बल्कि डिसेंटली ड्रेस्ड भी होना चाहिए। और अपने हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए, फिजिकल फिटनेस का ध्यान रखना चाहिए और जब साथ में फिजिकल अपीयरेंस, बॉडी इमेज या कॉम्प्लेक्शन, इन क्वालिटीज को भी डेवलप करें। तब आपकी पर्सनालिटी एक्चुअली बहुत अट्रैक्टिव बनेगी और यह चीज बच्चों को जरूर सिखाएं।

पेरेंट्स टीनएज बेटी की परवरिश करते समय इन बातों का ध्यान रखे :

उन्हें पैशन फॉलो करने के लिए प्रोत्साहित करें :

नेक्स्ट उनको उनका पैशन फॉलो करने के लिए एंकरेज करिए। यह एक ऐसी ऐज है जब उनका फ्यूचर इसी पर डिपेंड करता है कि वह इस एज में कितनी मेहनत कर रहे हैं और क्या काम कर रहे हैं। करियर को लेकर उनको थोड़ा सा गाइडेंस दीजिए कि जो उनका पैशन हो, जो उनकी स्किल्स हो, इंटरेस्ट हो उसको समझे और उस पर वह अपने आप को डेवलप करें औरउसपर मेहनत करें क्योंकि कभी कभी इस एज में बच्चे अपने फ्रेंड्स के साथ ज्यादा टाइम स्पेंड करते हैं या कुछ ऐसी एक्टिविटीज में भी इवॉल्व हो जाते हैं, जिससे उनका करियर की तरफ फोकस कम हो जाता है।
ध्यान रखें कि इस एज में उनका करियर बनाना बहुत इंपॉर्टेंट है। उनको गाइड करते रहे कि यह समय बहुत इंपॉर्टेंट है और कुछ एग्जांपल्स भी दे जो रियल भी हो सकते है। आपकी फैमिली में कोई ऐसा हो सकता है जो कि बहुत सक्सेसफुल हो, उनके बारें में उन्हें बताएं कि कैसे उसने अपनी एज में बहुत मेहनत की। इस तरह से आप उनको एक रोल मॉडल दिखा सकते है। अपने बारे में भी बता सकते है और लोगों का भी एग्जांपल बता सकते है कि जिन्होंने इस ऐज में बहुत मेहनत की और आज वह क्या कर रहे हैं और जिन्होंने नहीं की उनके साथ क्या हुआ। इनको यह समझाने की जरूरत है कि उनका फोकस हमेशा करियर पर ही होना चाहिए।

सेल्फ डिफेंस :

आजकल के टाइम में टीनएज डॉटर्स को सेल्फ डिफेंस सिखाना भी बहुत जरूरी है। उनके अपने प्रोटेक्शन के लिए सोसाइटी में आसपास क्या हो रहा है, उस पर उनको अवेयर किया जाए और उससे उनको कैसे अपने को सेफ रखना है उसके टिप्स जरूर देने चाहिए। बच्चों के लिए प्रोटेक्शन इसलिए बहुत इंपॉर्टेंट है कि आगे चलकर उनको बाहर जाना होगा हो सकता है कि अकेले रहना हो तो उनको जरूर सिखाइए कि क्या सही है क्या गलत है।
किसी भी तरह की प्रॉब्लम आने पर उनको अगर ऐसी आशंका हो रही है तो उन्हें क्या करना चाहिए। वह सारे प्रैक्टिकल टिप आप इस ऐज में जरूर दें क्योंकि बच्चों को सेफ रखना यह भी आप ही की ड्यूटी है। इस तरह के बहुत एप्स है उससे उनको अवेयर कराइए। उनको खुद ले जाकर दिखाइए कि इस सिचुएशन पर तुम्हें क्या करना चाहिए। इस तरह की कुछ क्लासेस भी दिलवाइए जिससे कि वह थोड़ा सा अपना प्रोटेक्शन करना सीख सकते है। जैसे कराटे हो जाते हैं और कुछ जिम में भी जाकर वो अपनी फिजिकल फिटनेस को इंप्रूव कर सकते है। जिससे कि कोई भी अनड्यू ऐसी कंडीशन हो उसमें बच्चे अपने आप को प्रोटेक्ट कर पाए और उनके अंदर इतना क्विक एक्शन लेने की भी समझ होनी चाहिए कि वह हर सिचुएशन में अपना रिस्क पहचान सके और उससे बाहर आ सके।

टीनेज डॉटर्स को सेल्फ सफिशिएंट बनाइए :

उनको हर तरह की स्किल सिखाइए जैसे घर के काम कुकिंग, क्लीनिंग, कार मेंटेनेंस किसी भी तरह का घर का काम उनको जरूर सिखाइए ताकि किसी भी सिचुएशन में वो अपने आप को ठीक से मैनेज कर पाए।
हम लोगों ने देखा कि करोना के समय सबको घर का काम खुद करना पड़ा और जिनको आता था उनको कोई प्रॉब्लम नहीं हुई और जिन्हे नहीं आता था उन्हें बहुत से प्रोब्लेम्स को फेस करना पड़ा तो यह सारी चीजेंभी उन्हें सिखाइए। साथ में उनको बजटिंग सिखाइए फाइनेंस के बारे में भी सिखाइए, डिजास्टर मैनेजमेंट सिखाइए कि किसी भी तरह का डिजास्टर होने पर उनको क्या करना है। बच्चों को फ्यूचर के लिए आप रेडी कर रहे हैं वह कहां रहेंगे, किस सिचुएशन को फेस करेंगे जानते पर जब हर चीज अगर उनको आती होगी तो उस सिचुएशन के आने पर वह पैनिक नहीं होंगे। उनको प्रॉब्लम को सॉल्व करना आता होगा क्योंकि उनको इन सबके बारे में पहले से ही पता था।
जब हम लोगों को कोई प्रॉब्लम आती है और उसको हैंडल करना जानते हैं तो हम लोग उतना परेशान नहीं होते पर अगर कुछ नहीं मालूम होता है, तब नेचुरल है कि परेशानी होगी। हर तरह की चीजें सिखाइए उनको सेल्फ सफिशिएंट बनाइए। ,उससे उनके अंदर कॉन्फिडेंस आएगा सेल्फ एस्टीम उनकी ऊपर होगी और वह बहुत resilient भी होंगे।

Suggested Readings:

अगर पेरेंट्स को ऐसा लगता है कि उनके बच्चों के साथ में कुछ गलत हो रहा है तो वह कुछ बातों का ध्यान रखें।

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अनकंडीशनल लव एंड सपोर्ट:

एंड लास्ट बट नॉट लीस्ट!अपना अनकंडीशनल लव एंड सपोर्ट उनके साथ जरूर शेयर करें यह बहुत इंपॉर्टेंट है। अपनी टीनेज डॉटर्स के साथ में एक अच्छी रिलेशनशिप बनाना बहुत-बहुत इंपॉर्टेंट है क्योंकि कई बार टीनएज डॉटर्स अपनी जो सीक्रेट्स होते हैं या कुछ डाउट्स होते हैं वह अपने पेरेंट से ना शेयर करके फ्रेंड से करने लगते हैं और फ्रेंड्स को भी पूरी नॉलेज नहीं होती है तो फिर गलत डायरेक्शन में जाने का बहुत ज्यादा चांसेस होते हैं। एक ऐसा रिलेशन बनाइए जिसमें बच्चे अपनी प्रॉब्लम को या अपने किसी भी तरह के डाउट को, किसी भी तरह के इमोशन को आपके साथ शेयर करें। उनको assure करिए कि आप उनके लिए हमेशा अवेलेबल हैं चाहे वो कोई भी समय हो या कोई भी दिन।
आपका सपोर्ट अनकंडीशनल है कुछ भी हो जाए, कोई भी उनकी चॉइस हो, कोई भी सरकमस्टेंसस हो, कुछ भी हुआ हो वह आपके साथ शेयर कर सकते है और आप उनको जज नहीं करेंगे। जमाना बदल रहा है तो थोड़े से आप भी प्रोग्रेसिव बनिए कि बच्चे बिल्कुल वैसे ही नहीं होंगे जैसे आपके टाइम पर होते थे। अब जिस तरह के बच्चे बिहेव करेंगे और आप उनको एक्सेप्ट करेंगे। बस उनको कोई गलत काम नहीं करना है इसका ध्यान रखें। आपकी सही गाइडेंस की जरूरत बच्चों को हैं और हमेशा रहेगी भी तो उनके साथ अनकंडीशनल प्यार और सपोर्ट हमेशा बनाये रखे। ध्यान रखे कि इसमें आपकी तरफ से कहीं कोई कमी ना रह जाए।
इस ब्लॉग का क्रक्स यह है, कि अपनी टीनएज बेटी की परवरिश करने के साथ ही आप उनसे अच्छा रिलेशन बनाएं उनको टाइम टू टाइम सही गाइडेंस दें। प्रैक्टिकल टिप्स बताएं इंस्पायर करते रहे मोटिवेट करते रहे।
मिलते है नेक्स्ट ब्लॉग में किसी नए टॉपिक के साथ।

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Anshu Shrivastava

मेरा नाम अंशु श्रीवास्तव है, मैं ब्लॉग वेबसाइट hindi.parentingbyanshu.com की संस्थापक हूँ।
वेबसाइट पर ब्लॉग और पाठ्यक्रम माता-पिता और शिक्षकों को पालन-पोषण पर पाठ प्रदान करते हैं कि उन्हें बच्चों की परवरिश कैसे करनी चाहिए, खासकर उनके किशोरावस्था में।

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19-March-24

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