Public speaking के डर को कैसे दूर करें

थोड़ी सी तैयारी आपको कॉंफिडेंट बना देगी ताकि आप Public Speaking में नर्वस न हो

Synopsis

कभी भी public speaking से घबराइए नहीं, यह हम लोगों के जीवन का एक हिस्सा थोड़ी सी तैयारी आपको कॉंफिडेंट बना देगी ताकि आप पुब्लिक स्पीकिंग में नर्वस न हो है।

Public speaking का मतलब लोगों के सामने stage पर कोई speech देना या presentation देना I यह public speaking के अंदर ही आता है। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि जो लोग first time stage पर जाते हैं या presentation देते हैं, उनको अंदर से बहुत nervousness और anxiety होती है। जो लोग दूसरे लोगों को face नहीं कर पाते है, यह उनके लिए बहुत मुश्किल काम होता है।

Public Speaking में problem क्या होती है? किस कारण से यह nervousness या anxiety होती है। इसके दो कारण हैं :

1 एक तो यह कि लोगों को fail होने से डर लगता है। उनको लगता है कि जो भी वह perform करें वह अच्छा हो। क्योंकि उनको अच्छा परफॉर्म न करने से खुद ही dissatisfaction होता है।

2 दूसरा reason होता है कि अगर performance अच्छा नहीं हुआ तो लोग क्या कहेंगे? हो सकता है कि लोग उनका मजाक उड़ाए।

तो इन दो reasons की वजह से लोगों के अंदर anxiety होती है, nervousness होती है।

बच्चों के मन में fail होने का डर कैसे दूर हो सकता है?

1 बच्चों को naturally grow होने दे :

अगर हम nature का law देखें, तो fail होना किसी भी success story का एक part होता है। जैसे आप कोई काम करेंगे तो या तो अच्छा होगा या नहीं अच्छा होगा। आप pass होंगे या fail होंगे। जिस तरह से pass होने को हम लोग बहुत आराम से accept कर लेते हैं I वैसे ही हमें failure को भी एक्सेप्ट करना चाहिए।

आपने अगर ध्यान दिया हो, कि कोई बच्चा जब छोटा होता है और अपने आप से उठना शुरू करता है, बैठना सीखता है, खड़े होना सीखता है और फिर चलता है। यह सब एक बार में नहीं होता है, वह कोशिश करता है I इसी तरह से खड़े होने की कोशिश करता है तो गिरता है, फिर उठता है। यह process होता रहता है। और एक दिन हम देखते हैं कि वह आराम से बैठ भी गया और खड़ा भी होने लगा और चलने भी लगा।

2 बच्चों को independently कोशिश करने दें :

कभी कभी हम लोग as a parent या guardian क्या करते हैं, बच्चों को support देते हैं Iवह जल्दी से खड़े हो जाएं, बैठ जाएं। हम लोग चाहते हैं कि बच्चे आराम से सारा काम कर लें, उनको कोई problem ना हो। लेकिन अगर हम बच्चों की बैठने में, चलने में कोई मदद न भी करे तब भी वो उठना, बैठना, चलना सीख ही लेंगे।

यह एक nature का law है कि हम कोई भी काम अपने आप सीखते हैं तो पहले गिरते भी हैं, Fail भी होते हैं। और फिर उसको जब फिर से try करते हैं, improve करते हैं तो हम वह काम करने लगते हैं। चूँकि हमारी society, घर का atmosphere या school का या जो भी लोग surrounding में है, सबका एक ही target होता है कि हम लोग कभी भी fail ना हो, परेशान ना हो। Failure तो successful होने का process है।

3 Success के लिए लगातार कोशिश करते रहें :

अगर आप यह सोचते है की आप first time stage पर गए और पहली ही बार में आप successfully presentation दे पाएंगेI ऐसा सोचना शायद गलत होगा I अगर आप फर्स्ट टाइम में ही successful हो जाते है तो बहुत अच्छी बात है I अगर नहीं होते है तो उसको accept कर लीजिए। क्योंकि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि जो भी आज successful लोग कर रहे हैं, उन्होंने यह सब first time में ही achieve कर लिया होगा। आपको इस डर को अपने अंदर से निकालना पड़ेगा कि आप पहली बार में ही सब कुछ ठीक से कर लेंगे।

फिर point आता है कि लोग क्या कहेंगे? जब हम fail होने से डरते हैं तो उसका reason ही यह है कि हम लोगों की नज़र में गिरना नहीं चाहते। हमको लगता है कि लोग हमेशा हमें appreciate ही करें। हमारी success की हमेशा तारीफ़ ही हो। लेकिन जब लोग हमारे unsuccessful होने पर, हमारे fail होने पर या तो हंसते हैं या कोई remark पास करते हैं, तो हमें अच्छा नहीं लगता है। Reason actually यह है कि हम लोगों के प्रभाव से बहुत ज़्यादा influenced होते हैं। हम अपनी performance को खुद ना judge करके दूसरों की नज़र से देखते हैं।

अगर आप पूरी तैयारी के साथ perform कर रहे हैं और अपना best दिया है तो इतना काफी है। आपको इस बात की चिंता बिल्कुल नहीं करनी चाहिए कि आपने कुछ ठीक नहीं किया। मान लीजिए किसी ने आपको बोला कि तुम्हारी body language ठीक नहीं थी, tone ठीक नहीं थी, तो आप इन बातों को feedback के रूप में लीजिए। और आप इसको तभी feedback के रूप में ले पाएंगे जब आपके अंदर confidence होगा।

4 Improvement के लिए हमेशा कोशिश करते रहे :

आप जितना भी अच्छा कर ले लेकिन improvement का scope तो हमेशा होता ही है। अगर कोई आपको remark दे रहा है तो हो सकता है कि वह इस तरह से बोले जो आपको अच्छा ना लगे। उस feedback improvement का base मानिए।

इस तरह से आपकी performance और अच्छी हो जाएगी और आप धीरे धीरे better होते जाएंगे।

अगर आप first time stage पर Public Speaking के लिए जा रहे हैं, तो आपको दो चीज़ें हमेशा ध्यान रखनी है कि :

आपको जो भी judgment दे रहा है, उससे आपको घबराना नहीं है। उसको आप अपना result मांन के accept कर लीजिए। ऐसे fail होने का डर चला जाएगा और लोगों की बात भी बुरी नहीं लगेगी।

आपको speech देने से पहले या presentation देने से पहले, आपको क्या क्या करना चाहिए जिससे आपका वह presentation और speech अच्छा हो, उसके बारे में हम लोग अब discuss करेंगे।

1.सबसे पहले जो सबसे ज़रूरी चीज़ है वो है आपका content . आप जो भी बताने जा रहे हैं, चाहें वह कोई information हो, motivational speech हो या entertainment हो उसका Content अच्छे से अच्छा बनाने की कोशिश करनी चाहिए। उसके लिए आप अच्छे से research करिए, अपने नए ideas डालिए और मेहनत करके एक अच्छा content तैयार कर लीजिए।

2. जब content तैयार हो जाए, तो आप उसको खुद भी कई बार पढ़े और improve करने की कोशिश करिए। खुद की तैयार की हुई चीज़ को दोबारा पढ़ने से आपको कुछ ना कुछ ऐसी चीज़ें मिलेंगी जहां आपको लगेगा यह चीज़ ठीक नहीं हैI यह बाद में आनी चाहिए, यह पहले आनी चाहिए। आप खुद के भी अच्छे judge होते हैं। आप पहले अपने content को खुद ही देखकर ready कर लीजिए।

3. कंटेंट तैयार हो जाए, तो आपके जो भी family, friends जिन पर आप भरोसा करते हैं उनको भी उस content को पढ़ा दीजिए या आप बोल के बता सकते हैं। आपको जो उनका feedback मिलेगा वो आपके लिए बहुत important होगा। क्योंकि कई बार अपनी बनाई हुई चीज़ के flaws हमें खुद को मालूम नहीं पड़ते हैं कि वह कितनी अच्छी है या क्या कमी है? जब कोई दूसरा उसको देखता है तो वह भी अपनी opinion आपको देता है। May be कोई अच्छा opinion मिले या हो सकता हैI आपका content इतना अच्छा बन गया है कि उसमें कोई improvement की ज़रूरत नहीं है|

4. एक बार जब content ready हो जाए, तब आप उसको इस तरह से organize करिए I जब आप उसको stage पर बोलेंगे तो आपके पास कुछ key points होने चाहिए। क्योंकि आपकी speech चाहे 5 minutes की हो, 10 minutes की हो, half an hour की हो, आप उसको learn करके नहीं जा सकते हैं।

5. आप कुछ उसके key points note कर लीजिए ताकि आपको वहां पर बोलने में कोई problem ना हो। आप जब भी कोई next point बोलें, आप एक बार उस points को देख सकते हैं। यह आपको बहुत help करेगा। आप कोई भी चीज़ अगर भूल गए, आप blank हो गए, और आपके पास कोई key point नहीं है तो आपके लिए बहुत मुश्किल होगा। इसलिए आप उसी content में से अपने लिए key points को निकाल लीजिए।

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6. इसके बाद आप उसका खुद ही rehearsal करिए और कई बार करिए। उसके बाद आप उसको video shoot करके भी देख लीजिए। क्या आपके facial expression ठीक आ रहे हैं या उसमें कुछ improve करना है या कोई body language की problem तो नहीं है या posture में कोई कमी तो नहीं है। ये सारी चीज़ें आप देखिए कि आपका tone कैसा आ रहा है।

7. इस तरह से आपको stage पर जाने के पहले ही काफी prepare हो चुका होगा। तो आपको confidence रहेगा। इसके साथ ही आप अपने family और friends को भी यह चीज़ दिखा दीजिए, तो वो भी उसमे कुछ feedback दे देंगे। जितना आप ज़्यादा practice करके जाएंगे, उतना ही आपको stage पर confident होंगे।

8. इसके बाद जब आप stage पर जाएंगे या लोगों के सामने जाएंगे तो ऐसा बिलकुल भी नहीं है कि आप nervous नहीं होंगे या आपको कोई anxiety नहीं होगी I हो सकता है आपको ऐसा लगे आपको कुछ याद नहीं है। आपको लगेगा कि आपके अंदर बिल्कुल confidence नहीं है। उस समय कुछ बातें आप note कर लीजिए और उसको दोबारा से revise करिए।

  • -सबसे पहले आपको सोचना है कि आप जो काम करने जा रहे हैं, वो दूसरों की help करने जा रहे हैं। Help कैसे करने जा रहे हैं? अगर आप दूसरों को कोई नई information दे रहे हैं तो वह आप दूसरों क मदद ही कर रहे है। अगर आप उनको motivate कर रहे हैं तो यह तो एक help है I अगर आप entertain कर रहे हैं तो entertainment भी लोगों के फ़ायदे के लिए ही होता है। जो भी चीज़ आप करने जा रहे हैं, यह लोगों की help है। आपसे अगर performance कुछ अच्छा नहीं भी हो रहा है तो कोई बात नहीं, आप आगे उसको improve कर लीजिएगा। आपको अपने content को लेकर बहुत confidence होना चाहिए कि यह आप एक अच्छी चीज़ लोगों को बताने जा रहे हैं।
  • -दूसरा, आपको यह ध्यान रखना है कि अगर मैं नहीं अच्छा कर पाया यानी कि मैं fail हो गया। कोई बात नहीं, Success मिलने का यह भी एक रास्ता ही है जहाँ लोग गिर कर उठते हैं। कोशिश करने से आप हमेशा better हो जाते हैं। अगर किसी वजह से आपका performance अच्छा नहीं भी हुआ तो कुछ खास फ़र्क़ नहीं पड़ेगा , जो audience आपको देखने के लिए आ रही है, वह भी आप ही के जैसे तो लोग हैं। अगर आप audience की जगह होते तो क्या आप किसी new speaker को negative comments देते? नहीं न ? उसी तरह audience भी आपको परेशान नहीं करेगी।
  • फिर आप सोचिए कि सारे successful लोग सभी इसी तरह से आगे आए हैं। ऐसा नहीं है कि कोई भी जो आज successful दिख रहा है उसने first speech जब दी थी तो क्या वह बहुत अच्छी थी? ऐसा बिल्कुल नहीं होता है। आपके लिए भी यह first टाइम है। जैसे जैसे यह काम आपका बढ़ेगा, वैसेआपका performance भी better होता जाएगा। तो इसमें बिल्कुल मत घबराइए ।

Conclusion –

आप ध्यान रखिए कि सभी बड़े लोगों के साथ ऐसा हुआ होगा। इसके बाद आप यह भी ध्यान रखेंगे कि जरूरी नहीं कि हमेशा आपकी तारीफ ही हो, आप यह सोचिए audience हमेशा अच्छे remarks ही दें, कोई critical comment ना करें, ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर कोई remark ही नहीं देंगे तो आप next में improve क्या करेंगे? अगर बहुत अच्छा दिया है तो अच्छी बात है, लेकिन अगर कोई remark आ रहा है, कोई comment आ रहा है तो आप उससे डरिए नहीं, बल्कि उसको accept करिए और जिन्होंने remark दिया है उनको thanks भी करिए कि उन्होंने आपको comment किया, जिससे कि आपको अपनी कमी मालूम हुई और आप उसको next time improve करेंगे। आप किसी भी तरह के जो भी remarks आ रहे हैं, critical comments आ रहे हैं, उनसे डरिए नहीं। उसको feedback के रूप में लेकर अपने performance को improve करिए।

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इन बातों का अगर आप ध्यान रखेंगे, ऐसी सोच को रखेंगे तो आप देखेंगे आपका confidence better हो गया है। आप बहुत low नहीं feel कर रहे हैं और एक बार जब आप बोलना शुरू कर देंगे तो फिर धीरे धीरे यह confidence बढ़ता ही जाएगा। कभी भी public speaking से घबराइए नहीं, यह हम लोगों के जीवन का एक हिस्सा है। हम सभी लोगो को एक दूसरे से deal करना ही होता है। यह सीखने की कोशिश करिए और इससे कभी नहीं घबराइए।

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Anshu Shrivastava

मेरा नाम अंशु श्रीवास्तव है, मैं ब्लॉग वेबसाइट hindi.parentingbyanshu.com की संस्थापक हूँ।
वेबसाइट पर ब्लॉग और पाठ्यक्रम माता-पिता और शिक्षकों को पालन-पोषण पर पाठ प्रदान करते हैं कि उन्हें बच्चों की परवरिश कैसे करनी चाहिए, खासकर उनके किशोरावस्था में।

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