प्रभावपूर्ण बातचीत का महत्त्व

Synopsis

एक बुद्धिमान अपनी मांगों को उठाता है, आलोचना करता है और कुछ मुद्दों पर बहस करता है, लेकिन सब कुछ इस तरह से बताता है कि बिना किसी नकारात्मकता के संदेश सफलतापूर्वक मिल जाता है।

क्या कभी आपको इस बात पर आश्चर्य हुआ है कि आपकी बातो को लोग गलत समझ लेते है जबकि आपका ऐसा कोई intention नहीं होता। आप hurt नहीं karna चाहते पर वो हो जाते है।
या कई बार किसी और की कही हुयी कोई बात हमें ठेस पहुंचा देती है। क्या इसका मतलब यह है की वो आपके खिलाफ कुछ plan कर रहे है? पर ऐसा बिलकुल भी नहीं है वो आपके खिलाफ कुछ नहीं कर रहे बल्कि वो आपके इरादों को नहीं समझ पा रहे हैं।
अक्सर, जब हम दूसरों से बात करते है तो हमारी बातो का गलत मतलब उनतक पहुंच जाता है। हम कहते कुछ हैं, और दूसरा व्यक्ति कुछ और समझता है, और इससे गलतफहमी, दुःख और frustration पैदा होता है। यह घर, स्कूल और काम पर रिश्तों में समस्या पैदा कर सकता है।
कई बार लोग अपना पूरा जीवन गलतफहमियों में गुजार देते हैं। कभी-कभी उनकी भावनाओं की जड़ें बहुत गहरी होती हैं जो personality disorder को जन्म देती हैं।
परिवार के साथ रहते हुए भी कई बार लोग अकेलापन महसूस करते हैं क्योंकि उन्हें कोई नहीं समझता। साथ ही कई बार छोटे बच्चों को भी घर में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। परिवार में कुछ लोग गलत indication भेजते हैं।
उदा. अगर पति-पत्नी के बीच विवाद होता है तो उन बातों को बच्चों को बताने से बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
इसलिए घर पर ऐसी बातचीत से बचना चाहिए और healthy communication किया जाना चाहिए। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी को एक-दूसरे से सहमत होना चाहिए और कभी भी बहस नहीं करनी चाहिए। इसका मतलब है कि चर्चा होनी चाहिए लेकिन स्वस्थ तरीके से की जानी चाहिए।
आजकल लोग न केवल आमने-सामने बल्कि सोशल मीडिया पर भी बयान देते हैं। वे ट्रोलिंग नामक अनुचित भाषा का प्रयोग करते हैं। ये सभी क्रियाएं जीवन के प्रति हमारे नकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं। कुछ मामलों के खिलाफ बोलना अनुचित नहीं है, लेकिन यह जानना महत्वपूर्ण है कि इसे कैसे कहा जाए।
एक बुद्धिमान अपनी मांगों को उठाता है, आलोचना करता है और कुछ मुद्दों पर बहस करता है, लेकिन सब कुछ इस तरह से बताता है कि बिना किसी नकारात्मकता के संदेश सफलतापूर्वक मिल जाता है।
इसलिए, हम में से कई लोगों को अधिक स्पष्ट और प्रभावी ढंग से बात करने के लिए कुछ कौशल सीखने की जरूरत है। बातचीत के कौशल सीखने से आप अपने सम्बन्ध अऊर गहरे कर सकते हो फिर चाहे आप अपने जीवनसाथी, बच्चों, बॉस या सहकर्मियों के साथ बातचीत में सुधार करने की कोशिश कर रहे हों। आप में अधिक विश्वास और सम्मान प्राप्त कर सकते हैं जो आपका सामाजिक और भावनात्मक संबंधों में सुधार होगा।
इसलिए, अपने बोलने के कौशल में सुधार करने के लिए, प्रभावपूर्ण बातचीत करने के लिए आपको निम्नलिखित बातों को याद रखना चाहिए।

1 संक्षिप्त और प्रत्यक्ष रहें। ,


यदि आपके पास कहने के लिए कुछ महत्वपूर्ण और दिलचस्प है, तो इसे कुछ शब्दों में समझाना एक प्रभावी तरीका हो सकता है। यदि आप बहुत अधिक detail देने की कोशिश करते हैं या बहुत लंबी बात करते हैं, तो लोगों की रुचि कम होने लगती है। कहने से पहले ही आप जो कहना चाहते हैं उसे संक्षेप में बताने के तरीकों के बारे में सोचे।
जब आपको किसी चीज के बारे में जानकारी होगी तो आप उसे संक्षेप में समझा पाएंगे।इसलिए, विस्तार से समझाने की तुलना में एक सीधा और विनम्र अनुरोध अधिक प्रभावी है।
स्पष्ट और प्रत्यक्ष communication आपको सभी प्रकार के संबंधों के साथ अधिक प्रभावी ढंग से संवाद करने में मदद कर सकता है।


2 body language सरल स्पष्ट और सौम्य होनी चाहिए।


जब आप किसी से बात कर रहे हों तो आपको अपनी बॉडी लैंग्वेज पर ध्यान देना चाहिए, ताकि वह आपके कहे शब्दों से मेल खाए। इससे आपके कहे शब् ज्यादा प्रभावी हो जाते है। अपने चेहरे के हावभाव पर ध्यान दें। आपको जहां आवश्यक हो वहां मुस्कुराना चाहिए और व्यक्ति के साथ बात करने में अपनी रुचि दिखानी चाहिए।
आपके लहज़े में गर्मजोशी और नरमियत होनी चाहिए। आपको कभी भी दूसरों का मजाक नहीं उड़ाना चाहिए और कभी भी घमंडी नहीं होना चाहिए।

3 दूसरों को दोष देने के बजाय अपनी भावनाओं को साझा करें

कभी-कभी जब आप काम और जिम्मेदारियों से थक जाते हैं, तो आप दूसरों से मदद की उम्मीद करते हैं। और जब आपको proper response नहीं मिलती है तो आप frustration के कारण उन्हें दोष देना शुरू कर देते हैं।
कोई नहीं चाहता की उसे blame किया जाए, इससे या तो लोग defensive हो जाते है या फिर खुद दोष लगाने लगते है।
जब आप hurt होते हैं तो आप कैसा महसूस करते हैं, यह व्यक्त करना एक सहायक तरीका है। अपनी भावनाओं को साझा करने से आपको यह व्यक्त करने में मदद मिलती है कि आप दूसरे व्यक्ति को दोष दिए बिना किसी के प्रति कैसा महसूस करते हैं। यह दूसरे व्यक्ति की बजाय आपकी भावनाओं और अनुभव पर केंद्रित है।
आपकी बात भी share हो जाती है और किसी को बुरा नहीं लगता। लोग आपको समझते हैं और आपकी मदद के लिए तैयार हो जाते हैं।

4 प्रभावपूर्ण बातचीत करने के लिए शांत और आत्मविश्वासी बनें

अंतिम लेकिन आखिरी नहीं , आपको किसी से बात करते समय confident
होना चाहिए। आपका शांत और आत्मविश्वासी हावभाव सभी को आकर्षित करता है। जब लोग आपको सहज देखते हैं तो लोग आप पर भरोसा करते हैं। इसलिए आपको दूसरों के साथ संवाद करते समय real रहना चाहिए।

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Anshu Shrivastava

Anshu Shrivastava

मेरा नाम अंशु श्रीवास्तव है, मैं ब्लॉग वेबसाइट hindi.parentingbyanshu.com की संस्थापक हूँ।
वेबसाइट पर ब्लॉग और पाठ्यक्रम माता-पिता और शिक्षकों को पालन-पोषण पर पाठ प्रदान करते हैं कि उन्हें बच्चों की परवरिश कैसे करनी चाहिए, खासकर उनके किशोरावस्था में।

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